गुरु क्या है
गुरु पूर्णिमा , हमारे जीवन में गुरु का महत्व गरु बिन घोर अंधार , गुरु बिन समझ न आवे। गरु बिन श्रुति न शुद्ध , गरु बिन मुक्ति न पावे।। गुरु कर सच विचार , गरु कर रे मन मेरे। गुरु का सवध सपन , औगन कटें सब तेरे ।। गुरु ग्रंथ में गुरु की महिमा को सर्वोपर माना है , हम लोग अध्यात्मक जगत में प्रवेश करते है। सम्पूर्ण भारत में गुरु पूर्णिमा का पर्व आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन गुरु वेद व्यास जी का जन्म हुआ था। गुरु की रोशनी के बिना सब अँधियारा ही अँधियारा है। गुरु चाँद की तरह है और शिष्य का जीवन अमावश्या की तरह। चाँद से रोशनी आती है तभी हमे अंधेरी रात में दिखाई पड़ता है। इस...