भारत का विदेशी व्यापार --

भारत  का विदेशी व्यापार -- 


         विदेशी व्यापार की संरचना का तातपर्य निर्यात तथा आयात की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के  प्रकार से हैं। वर्तमान समय में भारत विविध प्रकार की वस्तुओं का आयात व् निर्यात करता है। इसमें प्राथमिक उत्पाद से लेकर साँफ्टवेयर उत्पाद तक शामिल होते हैं। 

भारत के प्रमुख आयात --

     पेट्रोलियम, तेल एवं स्नेहक -- पेट्रोलियम पदार्थ भारतीय आयात का सबसे बड़ा भाग होता है। सम्पूर्ण आयात का लगभग 33 % भाग पेट्रोलियम पदार्थ होते हैं। इसका आयात मुख्यतया सऊदी , ईरान , कुवैत , वेनेजुएला आदि देशों से होता है। 

      स्वर्ण एवं कीमती पत्थर -- भारत में स्वर्ण तथा हीरे - जवाहरात  उपलब्धता बहुत कम है , जबकि आभूषण उद्योग को इसकी आवश्यकता बहुत होती है , इसलिए भारत में स्वर्ण एवं पत्थरों का प्रमुखता से आयात किया किया जाता है।    

      रसायन -- भारत कई प्रकार के रसायनों , दवाइयों , रंगने का सामान आदि का बड़ी मात्रा में आयात करता है। इसका अधिकांश आयात संयुक्त राज्य अमेरिका , यूरोप आदि से होता है। 

     परिवहन का सामान -- राष्ट्र के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक परिवहन साधनों जैसे - मोटरें , समुद्री जहाज , हवाई जहाज आदि का आयात जर्मनी , इटली , जापान , अमेरिका आदि से किया जाता है। 

      मशीनरी -- मशीनरी औद्योगिक विकास का आधार है। भारत में तीव्र औद्योगिक विकास के कारण आधुनिक मशीनरी की बड़े पैमाने पर माँग होती है। इस माँग  को पूरा करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका , ब्रिटेन , फ्रांस , रूस , जर्मनी , जापान , चीन , दक्षिण कोरिया आदि से मशीनरी मंगाई जाती है। 

     प्लास्टिक सामग्री -- वर्तमान में प्लास्टिक की उपयोगिता काफी बढ़ गई है , इसलिए इसका आयात अमेरिका , इग्लेण्ड , जापान आदि से व्यापक पैमाने पर किया जाता है।  वर्ष 2013 - 14 में 55,015 रु करोड़ की प्लास्टिक सामग्री आयात की गई। 

     कच्चा माल -- लौह - इस्पात उद्योग , एल्युमिनियम उद्योग , सूती वस्त्र उद्योग आदि के लिए बड़ी  मात्रा में कच्चे माल की आवश्यकता होती है। इसके लिए लौह - अयस्क , कोयला , कपास , एल्युमिना आदि का आँस्ट्रेलिया , दक्षिण अफ्रीका , संयुक्त राज्य अमेरिका से आयात किया जाता है।   

   असंसाधित काजू -- भारत देश में विदेशों से कच्चा काजू आयात किया जाता है तथा इसको तैयार करके निर्यात क्र दिया जाता है वर्ष 2013 - 14 में कच्चे काजू  आयातित मूल्य 4,564 रु करोड़ था। 

   खाद्य तेल -- भारत में तिलहन के उत्पादन में कमी आने के कारण खाद्य तेल के आयात में काफी वृद्धि हुई है। कनाडा , अमेरिका आदि से वर्ष 2013 - 14 में 56,489 रु करोड़ का खाद्य तेल आयात किया गया। 

  रासायनिक खाद्य -- कृषि विकास के लिए रासायनिक खाद का आयात अमीरिका , रूस तथा EEC देशों से किया जाता है। वर्ष 2013 - 14 में 38,231 रु करोड़ का रासायनिक खाद का आयात किया गया। 



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