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Banjar Bhumi, बंजर भूमि क्यों बन रही है सर दर्द

बंजर भूमि क्यों बन रही है किसानो का सर दर्द                                      यू तो भारत एक कृषि प्रधान देश है , लेकिन बंजर भूमि भारत के  किसान के लिए एक बड़ी समस्या होती जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण जमीन पर रसायन का उपयोग करना है । रसायन के प्रयोग से फसल तो अच्छी होती है मगर वही रसायन धरती को बंजर बनते है। रसायनो का  प्रयोग जमीन को तो बंजर बनता ही है, साथ ही मानव शरीर के लिए बहुत हानिकारक है।    अगर जल्द ही रसायनो का प्रयोग नहीं  रोका तो ये मनव शरीर व जमीन दोनों को ही गंभीर बीमार कर सकता है। रसायनो का उपयोग होने की सबसे बड़ी बजह है कि किसान को रसायन के बारे में प्रचुर मात्रा में ज्ञान न होना। बहुत से किसान इस बारे में जगरूप होरहे हे पर वह जितनी मात्र में होने चाहिए उस से बहुत कम है। किसान ही नही इस विषय में समाज के सभी वर्ग के लोगो को जगरूप होना जरूरी हे।   भूमि उपयोग           ...

गुरु क्या है

गुरु पूर्णिमा ,  हमारे जीवन में गुरु का महत्व        गरु बिन घोर अंधार , गुरु बिन समझ न आवे।        गरु बिन श्रुति  न शुद्ध , गरु बिन मुक्ति न पावे।।                गुरु कर सच विचार , गरु  कर रे मन मेरे।           गुरु का सवध सपन ,   औगन कटें सब तेरे ।।                     गुरु ग्रंथ में गुरु की महिमा को सर्वोपर माना है , हम लोग अध्यात्मक जगत में प्रवेश करते है।  सम्पूर्ण भारत में गुरु पूर्णिमा का पर्व आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।   इस दिन गुरु वेद व्यास जी का जन्म हुआ था।  गुरु  की  रोशनी  के  बिना  सब  अँधियारा ही अँधियारा है।                        गुरु चाँद की तरह है और शिष्य का जीवन अमावश्या की तरह। चाँद से रोशनी आती है तभी हमे अंधेरी रात में दिखाई पड़ता है।  इस...

DROUGHT - सूखा

सूखा -           लम्बी अबधि तक किसी स्थान पर अपेक्षित तथा सामान्य वर्षा से काफी कम वर्षा वार्षिक वर्षा के 75 % से कम होना सूखे की आपदा के रूप में जाना जाता है। यह  एक मौसम संबन्धी आपदा है।  दूसरे शब्दों में कृषि , पशु धन , उद्योग एवं मानव संसाधन की आवश्यकताओ से कम जल उपजब्ध होने की स्थिति को सूखा कहा  जाता है     अत्यधिक सूखा प्रभावित क्षेत्र --          इस प्रकार का अधिकांश क्षेत्र अरावली पर्वत के पश्चिमी में स्थित राजिस्थान के मरुस्थल एवं कच्छ क्षेत्र है जहां अत्यधिक सूखा पड़ता है।   इसमें राजिस्थान के बाड़मेड और जैसलमेर जिले सम्मलित है।     अधिक सूखा प्रभावित क्षेत्र --             सूखा प्रभावित क्षेत्र के इस वर्ग में राजिस्थान का पूर्वी ,भाग , मध्यप्रदेश का अधिकांश भाग , महाराष्ट्र का पूर्वी भाग , आन्ध्रप्रदेश का आंतरिक भाग , कर्नाटक का पठार , तमिलनायडु का उत्तरी भाग , झारखण्ड का दक्षिण भाग और ओडिसा का आंतरिक भाग सम...

EARTHQUAKE - भूकंम्प

भूकम्प  EARTHQUAKE  --         भूकंम्प का शाब्दिक अर्थ पृथ्वी का कांपना या हिलना है।  पृथ्वी के आंतरिक  भावों में हलचल के कारण पृथ्वी अचानक कंम्पन करती है ,  इस  घटना को  भूकम्प कहते है।    तीव्रता के आधार पर भूकम्प अनेक प्रकार  के होते है। भूकम्प की तीव्रता को रिएक्टर पैमाने पर मापा जाता है।  विश्व में प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं में मरे गए लोगों  में से 15 % - 20 % भूकम्प जनित आपदा में मरे जाते है।    भूकम्प की उत्तपति --        भूकंम्प  की उत्तपति पृथ्वी के आंतरिक  भागों में जिस बिंदु पर होती है उसे भूकम्प केंद्र या भूकम्प मूल कहा जाता है।   भूकम्प केंद्र के चारो ओर भूकंप की लहरे फेलतीं है।    भूकम्प केंद्र के ठीक ऊपरी धरातल , जहां पर  भूकम्प की लहर पहले पहुँचती है उसे भूकम्प अभिकेंद्र कहते है।   अभिकेंद्र पर ही सर्वप्रथमं भूकम्प के झटके महसूस किये जाते है।    इसके पश्चात इसके चारो ओर क...

Women Education - नारी तू नारायणी

नारी शि क्षा             नारी तू नारायणी                                                     आधुनिक युग मै महिलाओ के काम करने के लिए अनेको अवसर है। अब महिलाए घर से बाहर जाकर कार्य करने के लिए स्वन्तंत्र है। और हमारे सामने अब इसके बहुत सारे अच्छे उदाहरण है। आज महिलायं अपनी योग्यता के आधार पर अनेकों  उचाइयो को छू रही है।                                 महिलाये सामाजिक कार्य , जन -जीवन का कार्य अथवा राजनीति में हिस्सा ले सकती है।  वे प्रशसन के क्षेत्र में भी कार्य कर सकती है। हमारे समाज को अनुशासित मस्तिष्क तथा नियंत्रित आचरण वाल स्त्रियों कीआवश्यता है। उन्हें अपने कर्तव्य में ईमानदार तथा अनुशासित होना चाहिए ,जिसे वे करती भी है।  कोई भी व्यक्ति केवल तभी अपने कार्य में सफल होगा जब वह अनुश...

MANSUN

मानसून --           मानसून शब्द की उतपत्ति अरबी भाषा के मौसिक शब्द से हुई है।   मासून का अर्थ है - पवनों की दिशा का मौसम के अनुसार बदल जाना।  भारत में अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी से चलने वाली हवाओं की दिशा में ऋतुवत परिवर्तन होता रहता है।  इसी सन्दर्भ में भारतीय जलवायु को मानसूनी जलवायु कहा जाता है मासून की उतपत्ति का स्पष्ट कारण अभी भी ज्ञात नहीं है। 19 वीं सदी के अन्त में इस संदर्भ में यह व्याख्या की गयी की गर्मी के समय में स्थल और समुद्र का अलग - अलग दर से गर्म होना ही मानसूनी पवनों के भारतीय उपमहाद्वीप की ओर चलने की पृष्टभूमि तैयार करता है।        अप्रैल और मई में जब सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत चमकता है , तो हिन्द महासागर के उत्तर में स्थित विशाल भूखण्ड अत्यधिक गर्म हो जाता है।           गर्म होने के परिणामश्वरूप भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर - पश्चिम भाग पर एक निमन वायुदाब क्षेत्र विकसित हो जाता है , जबकि भूखण्ड के दक्षिण में स्थित हिन्द महासागर अपेक्षित धीरे - धीरे ग...

Art of Life जीवन की कला

Art of Life  जीवन की कला                संसार में पहला सुख निरोगी काया  माना  गया है जिस व्यक्ति का स्वस्थ अच्छा होगा उसको  जीवन के हर पहलु पर सफलता मिलेगी जहां व्यक्ति को सफलता मिलती है वहीं उसकी शक्ति में विस्तार   होता है।   स्वस्थ सफलता  एवं शक्ति ये सभी  दूसरे से जुड़े हुआ है। शुद्ध हृदय ( शुद्ध भावना ) ही अच्छे  स्वस्थ्य का  लक्षण है।                शुद्ध भावना ही मन में अटूट विश्वास पैदा  करती  है।   जो सफलता की  कुंजी है अतः सफल होने के लिए व्यक्ति को अपनी ऊर्जा का सही दिशा मई उपयोग करना चाहिए। सफलता सामर्थ्य लती है। परन्तु सफलता का सही रहश्य अपनी इच्छाओं का समयक दर्शन (right observation in the brain) मन में पैदा हुई हर इच्छाी  को देखना अर्थात अपने द्वारा अपने को देखना इच्छाओं को काबू में  रखना होता है।                      उदह...